क्या आप पर तांत्रिक प्रयोग हुआ है तो:-
********************************
तंत्र क्रिया से भयभीत ना हो ।इसमे सामान्यतः पीड़ित रात को बीमार रहता है,दवाइयां रोग पे कार्य नही करती,व्यक्ति हमेशा बैचेन रहता है,बेवजह की बाते करता है और थोड़ा बहुत तुतलाकर बोलता है,मुह से लार निकलती हो,कभी हस्ता है कभी रोता है।हमेशा चिड़चिड़ापन रहता है,गाली देता है।अधिक शराब का सेवन करता है।कुल मिलाकर पीड़ित के अस्तित्व में अचानक परिवर्तन आ जाता है।तो
आप इन लक्षणों पर ध्यान दे कि पीड़ित से कितने लक्षण मिलते-जुलते है अथवा आपको जिस पर शक है कि इस पर तांत्रिक प्रयोग हो सकता है,इसे जानने के लिए पीडित के सिरहाने एक लोटे मैं पानी भर कर रखे और इस पानी को गमले मैं लगे या बगीचे मैं लगे किसी छोटे पौधे में प्रातःकाल सात दिन डाले ।स्मरण रहे कि पौधा काँटेदार ना हो।यदि किसी प्रकार का तांत्रिक दोष,नजर दोष या अन्य बाहरी दोष होने की अवस्था मे ,एक सप्ताह मैं वो पौधा कुम्हला जायगा या मर जाएगा । कभी कभी पौधा 3 दिन मैं भी सूख जाता है ।ऐसे में कारगर उपाय करें एवं एक बार चिकित्सक से भी सलाह अवश्य ले।
🙏🏻🚩जै श्री महाकाल🚩🙏🏻
।। राहुलनाथ।।™
भिलाई,छत्तीसगढ़, भारत
📞+ 917999870013,+919827374074 (w)
चेतावनी:-इस लेख में वर्णित नियम ,सूत्र,
व्याख्याए,तथ्य गुरू एवं साधु-संतों के कथन,ज्योतिष,तांत्रिक-आध्यात्मिक ग्रंथो एवं स्वयं के अभ्यास अनुभव के आधार पर मात्र शैक्षणिक उद्देश्यों हेतु दी जाती है।अतः बिना गुरु के निर्देशन के साधनाए या प्रयोग ना करे।विवाद की स्थिति में न्यायलय क्षेत्र, दुर्ग,छत्तीसगढ़,भारत
ब्लॉग साइड पे दिए गए गुरुतुल्य साधु-संतो,साधको, भक्तों,प्राचीन ग्रंथो,प्राचीन साहित्यों द्वारा संकलित किये गए है जो हमारे सनातन धर्म की धरोहर है इन सभी मंत्र एवं पुजन विधि में हमारा कोई योगदान नहीं है हमारा कार्य मात्र इनका संकलन कर ,इन प्राचीन साहित्य एवं विद्या को भविष्य के लिए सुरक्षित कारना और इनका प्रचार करना है इस अवस्था में यदि किसी सज्जन के ©कॉपी राइट अधिकार का गलती से उलंघन होने से कृपया वे संपर्क करे जिससे उनका या उनकी किताब का नाम साभार पोस्ट में जोड़ा जा सके।
सोमवार, 17 मई 2021
क्या आप पर तांत्रिक प्रयोग हुआ है
रविवार, 9 मई 2021
🚩नवदुर्गा शक्ति कवच 🎂🚩
🚩नवदुर्गा शक्ति कवच 🎂🚩
सर्व-कामना-सिद्धि स्तोत्र
*********************
श्री हिरण्य-मयी हस्ति-वाहिनी, सम्पत्ति-शक्ति-दायिनी।
मोक्ष-मुक्ति-प्रदायिनी, सद्-बुद्धि-शक्ति-दात्रिणी।।१
सन्तति-सम्वृद्धि-दायिनी, शुभ-शिष्य-वृन्द-प्रदायिनी।
नव-रत्ना नारायणी, भगवती भद्र-कारिणी।।२
धर्म-न्याय-नीतिदा, विद्या-कला-कौशल्यदा।
प्रेम-भक्ति-वर-सेवा-प्रदा, राज-द्वार-यश-विजयदा।।३
धन-द्रव्य-अन्न-वस्त्रदा, प्रकृति पद्मा कीर्तिदा।
सुख-भोग-वैभव-शान्तिदा, साहित्य-सौरभ-दायिका।।४
वंश-वेलि-वृद्धिका, कुल-कुटुम्ब-पौरुष-प्रचारिका।
स्व-ज्ञाति-प्रतिष्ठा-प्रसारिका, स्व-जाति-प्रसिद्धि-प्राप्तिका।।५
भव्य-भाग्योदय-कारिका, रम्य-देशोदय-उद्भाषिका।
सर्व-कार्य-सिद्धि-कारिका, भूत-प्रेत-बाधा-नाशिका।
अनाथ-अधमोद्धारिका, पतित-पावन-कारिका।
मन-वाञ्छित॒फल-दायिका, सर्व-नर-नारी-मोहनेच्छा-पूर्णिका।।७
साधन-ज्ञान-संरक्षिका, मुमुक्षु-भाव-समर्थिका।
जिज्ञासु-जन-ज्योतिर्धरा, सुपात्र-मान-सम्वर्द्धिका।।८
अक्षर-ज्ञान-सङ्गतिका, स्वात्म-ज्ञान-सन्तुष्टिका।
पुरुषार्थ-प्रताप-अर्पिता, पराक्रम-प्रभाव-समर्पिता।।९
स्वावलम्बन-वृत्ति-वृद्धिका, स्वाश्रय-प्रवृत्ति-पुष्टिका।
प्रति-स्पर्द्धी-शत्रु-नाशिका, सर्व-ऐक्य-मार्ग-प्रकाशिका।।१०
जाज्वल्य-जीवन-ज्योतिदा, षड्-रिपु-दल-संहारिका।
भव-सिन्धु-भय-विदारिका, संसार-नाव-सुकानिका।।११
चौर-नाम-स्थान-दर्शिका, रोग-औषधी-प्रदर्शिका।
इच्छित-वस्तु-प्राप्तिका, उर-अभिलाषा-पूर्णिका।।१२
श्री देवी मङ्गला, गुरु-देव-शाप-निर्मूलिका।
आद्य-शक्ति इन्दिरा, ऋद्धि-सिद्धिदा रमा।।१३
सिन्धु-सुता विष्णु-प्रिया, पूर्व-जन्म-पाप-विमोचना।
दुःख-सैन्य-विघ्न-विमोचना, नव-ग्रह-दोष-निवारणा।।१४
ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं श्रीसर्व-कामना-सिद्धि महा-यन्त्र-देवता-स्वरुपिणी श्रीमहा-माया महा-देवी महा-शक्ति महालक्ष्म्ये नमो नमः।
ॐ ह्रीं श्रीपर-ब्रह्म परमेश्वरी। भाग्य-विधाता भाग्योदय-कर्त्ता भाग्य-लेखा भगवती भाग्येश्वरी ॐ ह्रीं।
कुतूहल-दर्शक, पूर्व-जन्म-दर्शक, भूत-वर्तमान-भविष्य-दर्शक, पुनर्जन्म-दर्शक, त्रिकाल-ज्ञान-प्रदर्शक, दैवी-ज्योतिष-महा-विद्या-भाषिणी त्रिपुरेश्वरी। अद्भुत, अपुर्व, अलौकिक, अनुपम, अद्वितीय, सामुद्रिक-विज्ञान-रहस्य-रागिनी, श्री-सिद्धि-दायिनी। सर्वोपरि सर्व-कौतुकानि दर्शय-दर्शय, हृदयेच्छित सर्व-इच्छा पूरय-पूरय ॐ स्वाहा।
ॐ नमो नारायणी नव-दुर्गेश्वरी। कमला, कमल-शायिनी, कर्ण-स्वर-दायिनी, कर्णेश्वरी, अगम्य-अदृश्य-अगोचर-अकल्प्य-अमोघ-अधारे, सत्य-वादिनी, आकर्षण-मुखी, अवनी-आकर्षिणी, मोहन-मुखी, महि-मोहिनी, वश्य-मुखी, विश्व-वशीकरणी, राज-मुखी, जग-जादूगरणी, सर्व-नर-नारी-मोहन-वश्य-कारिणी, मम करणे अवतर अवतर, नग्न-सत्य कथय-कथय।
अतीत अनाम वर्तनम्। मातृ मम नयने दर्शन। ॐ नमो श्रीकर्णेश्वरी देवी सुरा शक्ति-दायिनी। मम सर्वेप्सित-सर्व-कार्य-सिद्धि कुरु-कुरु स्वाहा। ॐ श्रीं ऐं ह्रीं क्लीं श्रीमहा-माया महा-शक्ति महा-लक्ष्मी महा-देव्यै विच्चे-विच्चे श्रीमहा-देवी महा-लक्ष्मी महा-माया महा-शक्त्यै क्लीं ह्रीं ऐं श्रीं ॐ।
ॐ श्रीपारिजात-पुष्प-गुच्छ-धरिण्यै नमः। ॐ श्री ऐरावत-हस्ति-वाहिन्यै नमः। ॐ श्री कल्प-वृक्ष-फल-भक्षिण्यै नमः। ॐ श्री काम-दुर्गा पयः-पान-कारिण्यै नमः। ॐ श्री नन्दन-वन-विलासिन्यै नमः। ॐ श्री सुर-गंगा-जल-विहारिण्यै नमः। ॐ श्री मन्दार-सुमन-हार-शोभिन्यै नमः। ॐ श्री देवराज-हंस-लालिन्यै नमः। ॐ श्री अष्ट-दल-कमल-यन्त्र-रुपिण्यै नमः। ॐ श्री वसन्त-विहारिण्यै नमः। ॐ श्री सुमन-सरोज-निवासिन्यै नमः। ॐ श्री कुसुम-कुञ्ज-भोगिन्यै नमः। ॐ श्री पुष्प-पुञ्ज-वासिन्यै नमः। ॐ श्री रति-रुप-गर्व-गञ्हनायै नमः। ॐ श्री त्रिलोक-पालिन्यै नमः। ॐ श्री स्वर्ग-मृत्यु-पाताल-भूमि-राज-कर्त्र्यै नमः।
श्री लक्ष्मी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीशक्ति-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीदेवी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्री रसेश्वरी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्री ऋद्धि-यन्त्रेभ्यो नमः। श्री सिद्धि-यन्त्रेभ्यो नमः। श्री कीर्तिदा-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीप्रीतिदा-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीइन्दिरा-यन्त्रेभ्यो नमः। श्री कमला-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीहिरण्य-वर्णा-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीरत्न-गर्भा-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीसुवर्ण-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीसुप्रभा-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीपङ्कनी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीराधिका-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीपद्म-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीरमा-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीलज्जा-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीजया-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीपोषिणी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीसरोजिनी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीहस्तिवाहिनी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीगरुड़-वाहिनी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीसिंहासन-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीकमलासन-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीरुष्टिणी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीपुष्टिणी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीतुष्टिनी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीवृद्धिनी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीपालिनी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीतोषिणी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीरक्षिणी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीवैष्णवी-यन्त्रेभ्यो नमः।
श्रीमानवेष्टाभ्यो नमः। श्रीसुरेष्टाभ्यो नमः। श्रीकुबेराष्टाभ्यो नमः। श्रीत्रिलोकीष्टाभ्यो नमः। श्रीमोक्ष-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीभुक्ति-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीकल्याण-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीनवार्ण-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीअक्षस्थान-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीसुर-स्थान-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीप्रज्ञावती-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीपद्मावती-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीशंख-चक्र-गदा-पद्म-धरा-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीमहा-लक्ष्मी-यन्त्रेभ्यो नमः। श्रीलक्ष्मी-नारायण-यन्त्रेभ्यो नमः। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं श्रीमहा-माया-महा-देवी-महा-शक्ति-महा-लक्ष्मी-स्वरुपा-श्रीसर्व-कामना-सिद्धि महा-यन्त्र-देवताभ्यो नमः।
ॐ विष्णु-पत्नीं, क्षमा-देवीं, माध्वीं च माधव-प्रिया। लक्ष्मी-प्रिय-सखीं देवीं, नमाम्यच्युत-वल्लभाम्। ॐ महा-लक्ष्मी च विद्महे विष्णु-पत्नि च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्। मम सर्व-कार्य-सिद्धिं कुरु-कुरु स्वाहा।
विधि:-सामान्य रूप से नित्य कम से कम 3 पाठ करना उचित होता है दिन रविवार या मंगलवार से प्रारंभ करें।सर्व प्रथम देवी के मंदिरमे जा कर पंचोपचार विधि से पूजन करे।फल-फूल प्रदान करे।प्रसाद में खीर या इच्छानुसार मिष्ठान प्रदान कर मंदिर में ही 3 पाठ कर नित्य 3 पाठ करने की माता से अनुमति प्रदान करे।विधि प्रारम्भ करने के पहले हनुमानजी को प्रणाम करें एवं पूजा सम्पन्न होने पर श्री भैरव जी को प्रणाम करें।इनके बाद रोज अपने निवास स्थान पे एक नियमित समय पे पाठ करे।
ये सामान्य विधि है माता का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त हो शारिरिक मानसिक एवं आध्यात्मिक रक्षा प्राप्त होती हैं।इसके अलावा जटिल विधि भी है सिद्ध करने की किन्तु इसे सिर्फ गुरु आदेश से और हो सके तो गुरु सानिध्य में ही कि जा सकती है।इस स्तोत्र मव भगवती आदिशक्ति नवदुर्गा जी शक्ति विद्यमान है।जिससे शारिक रक्षा,दुखो को दूर करने की शाक्ति है।किसी भी प्रकार के रोग ऋण शत्रु से मुक्ति प्राप्त होती है।यदि आपको लगता है कि आपके या आपके परिवार के ऊपर बाहर की बाधा हो,नजर दोष हो,तो इस कवच का पाठ अवश्य करे।यदि आप चाहे तो संकल्प प्रदान कर इस कवक्ज6 का जाप अनुष्ठान करा कर ,इसे कवच के रूप में धारण किया जा सकता है।किंतु स्मरण रहे अनुष्ठान हेतु अनुष्ठानकर्ता अनुभवी एवं सिद्ध हो।।
🙏🏻🚩जै श्री महाकाल🚩🙏🏻
।। राहुलनाथ।।™
भिलाई,छत्तीसगढ़, भारत
📞+ 917999870013,+919827374074 (w)
**** #मेरी_भक्ति_अघोर_महाकाल_की_शक्ति ****
चेतावनी:-इस लेख में वर्णित नियम ,सूत्र,
व्याख्याए,एवं तथ्य गुरू कथन,ज्योतिष,तांत्रिक-आध्यात्मिक ग्रंथो एवं स्वयं के अभ्यास अनुभव के आधार पर मात्र शैक्षणिक उद्देश्यों हेतु दी जाती है।तंत्र-मंत्रादि की जटिल एवं पूर्ण विश्वास से साधना-सिद्धि गुरु मार्गदर्शन में होती है अतः बिना गुरु के निर्देशन के साधनाए ना करे।विवाद की स्थिति में न्यायलय क्षेत्र दुर्ग,छत्तीसगढ़, भारत
पेज लिंक:-https://www.facebook.com/rahulnathosgybhilai/
🚩JAISHRRE MAHAKAL OSGY🚩
शनिवार, 17 अप्रैल 2021
वीर चालन मंत्र
वीर चालन मंत्र
**************
अय हनुमान बारा वर्ष का जवान
हाथ में लड्डू मुख्य में पान
हाँक मारत आय बाबा हनुमान
मेरी भक्ति गुरु की शक्ति
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।।
दिखने में ये बहुत ही साधारण मंत्र है किंतु इसका असर बहुत शीघ्र होता है और ये खतरनाक भी है।ब्रह्मचर्य का नियम है।इस मंत्र के आराध्य भगवान हनुमान जी महाराज है।किसी भी प्रकार की विपदा,जैसे शत्रुओ से परेशानी,भुत-प्रेत या अतृप्त आत्माओ से ये मंत्र रक्षा करता है।साथ ही साथ साधना काल मे आने वाली रुकावटो से भी ये मंत्र रक्षा करता है।यदि कोई व्यक्ति इसे विधि-विधान से सिद्ध करता है तोवो सारे संकटों से मुक्त हो सकता है।चाहे कोई भी दोष हो,वायव्य आत्माओ से,पैशशाचिक पीड़न से,राक्षस या प्रेत दोष से,या किसी के द्वारा किया कराया अभिचार कर्म हो,यदि जंगली एवं घातक पशुओ ने आप को घेर लिया हो,ऐसी सभी संकट की घड़ी में ये शक्तिशाली मंत्र अपना अमोघ प्रभाव प्रदान करता है।
परन्तु स्मरण रहे कि इस मंत्र को पहले दीपावली,होली,दशहरा आदि को मध्य रात्रि में सिद्ध करना चाहिए ,पुनः हर वर्ष उसी दिन इस मंत्र को पढ़ना चाहिए।ये लगातार हर वर्ष चलने वाली सिद्ध क्रिया है।इसके अलावा वे साधक जिनके पास अधिक समय है और वे हनुमान जी के प्रति समर्पित है वे हर मंगलवार या शनिवार को1100 मंत्र जाप करके हनुमानजी के नाम से गूगुल एवं लुभान की धूनी दे सकते है।इस मंत्र का लगातार किसी विशेष उद्देश्य से बाबा-बार जपना ही "वीर चलना"कहते।मूलतः यह "वीर चालन मंत्र"है।मंत्र की अमोघ शक्ति को ध्यान में रखते हुए इसकी यहां पोस्ट पे सम्पूर्ण विधि जैसे :-भोग-प्रशाद,आसन, फूल-फल और इसको चलाने की कसमें/आन यहां नही दी गई है।इसे आप ज्ञानार्थ ही ले अथवा अपने गुरुदेव के सानिध्य में साधना सम्पूर्ण करे।अभी इस पोस्ट पे एक वीर की जानकारी दी गई है भविष्य में अन्य वीरो की जानकारी दी जाएगी।
🙏🏻🚩जै श्री महाकाल🚩🙏🏻
व्यक्तिगत अनुभूति एवं विचार©2021 सर्वाधिकार सुरक्षित
।। राहुलनाथ।।™
(ज्योतिष एवं वास्तुशास्त्री)
📞+ 917999870013,+919827374074 (w)
**** #मेरी_भक्ति_अघोर_महाकाल_की_शक्ति ****
चेतावनी:-इस लेख में वर्णित नियम ,सूत्र,
व्याख्याए,एवं तथ्य गुरू कथन,ज्योतिष,तांत्रिक-आध्यात्मिक ग्रंथो एवं स्वयं के अभ्यास अनुभव के आधार पर मात्र शैक्षणिक उद्देश्यों हेतु दी जाती है।तंत्र-मंत्रादि की जटिल एवं पूर्ण विश्वास से साधना-सिद्धि गुरु मार्गदर्शन में होती है अतः बिना गुरु के निर्देशन के साधनाए ना करे।विवाद की स्थिति में न्यायलय क्षेत्र दुर्ग छत्तीसगढ़,भारत,©कॉपी राइट एक्ट 1957)
पेज लिंक:-https://www.facebook.com/rahulnathosgybhilai/
🚩JAISHRRE MAHAKAL OSGY🚩
शनिवार, 3 अक्टूबर 2020
नफरत
नफरत करने के लिए भी,
मोहब्बत करना जरूरी है ,
मेरे भाई।।
अच्छा होगा पहले,
मोहब्ब्त हो,
जिससे नफरत की अनुभूति
ही ना हो।।।।।
राहुलनाथ@2020
🙏🙏जय श्री महाकाल🙏🙏
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020
अगरबत्ती में बाँस का उपयोग?
अगरबत्ती में बाँस का उपयोग?
अगर बत्ती से आशय उस बत्ती से है जो "अगर" से बनी हो,आज भी जहां पूजन सामग्री मिलती है वहा आपको अगर और तगर मिल जाएगी।शुरू में अगर से बत्तियों का निर्माण किया गया किन्तु अगर का मूल्य ज्यादा होने से कालांतर में इसके स्थान पर बाँस का स्तेमाल किया गया जो कि शास्त्र सम्मत नही है अतः उचित होगा कि धूप,गुगुलादि का प्रयोग किया जाए।
।।राहुलनाथ।।©2017
Love Triangle !! प्रेम-त्रिकोण !!l
Love Triangle
!! प्रेम-त्रिकोण !!l
हर वो पुरुष या स्त्री जिसने अपनी साली/देवर से घनिष्टा रखी है सालि/देवर से विवाह किया है या अनैतिक संबध बनाया है फिर क्यो न पत्नि/पति की मृ्त्यु के बाद!
तो ऎसी अवस्था मे उनके संतान को बहुत कष्ट होगा!!
या मृ्त्यु तक हो सकति है !!
साथ ही यह सुचक है की उसके उपर दुर्गा देवि क्रोधित है जिसने ये कार्य किया!
उसकी कुंडली मे मंगल ग्रह की स्थिति अनुकुल नही होगी !!
और इसके साथ साथ यदि दांतों मे दर्द हो,बातो बातो मे अचानक हकलाहट प्रारंभ हो जाति हो,स्वभाव अधिक चंचल होगया हो, नशे के प्रति रुझान बड गया हो,तो निष्चित है कि उसका काल निकट है !!इस समस्या के बहुत से समाधान है किन्तु सरल सस्ता समाधान यह है की ! अपनि मन की बातो को अपने किसि निकट के मित्र को बताये !!और संतान को किसी भी मंदीर मे किसी रिश्तेदार को 1 रु मे बेच दे मान्सिक रुप से!!
एवं और यह कार्य संतान को ना बताये ! फिर आगे के जिवन मे जब तक संतान अपने आपको सम्हालने योग्य ना हो जाये तब तक मात्र उसका रक्षक बन कर रहे पिता-माता बनकर नही !! इस प्रकार अन्य नाजयज संबंधो के भि अलग अलग परिणमा होते है !!और कई जिवन बर्बाद हो जाते है!
🚩जै श्री महाकाल🚩
व्यक्तिगत अनुभूति एवं विचार©2016
।। राहुलनाथ।।™
**** #मेरी_भक्ति_अघोर_महाकाल_की_शक्ति ****
चेतावनी:-इस लेख में वर्णित सभी नियम ,सूत्र,
व्याख्याए,एवं तथ्य हमारी निजी अनुभूतियो के स्तर पर है जिसे मानने के लिए आप बाध्य नहीं है।यहां तांत्रिक-आध्यात्मिक ग्रंथो एवं स्वयं के अभ्यास अनुभव के आधार पर कुछ मंत्र-तंत्र सम्बंधित पोस्ट दी जाती है।तंत्र-मंत्रादि की जटिल एवं पूर्ण विश्वास से साधना-सिद्धि गुरु मार्गदर्शन में होती है अतः बिना गुरु के निर्देशन के साधनाए ना करे।विवाद की स्थिति में न्यायलय क्षेत्र दुर्ग छत्तीसगढ़,भारत,©कॉपी राइट एक्ट 1957)
🚩JAISHRRE MAHAKAL OSGY🚩
ग्रहो ने लौटाई जमीन...
ग्रहो ने लौटाई जमीन...
फैसला ग्रहो का(सत्य घटना)
*************************
3 माह पूर्व दिनेश अग्रवाल जी आये थे अपनी समस्या की पोटली उठाये।बहुत परेशान से,उनकी 1.35करोड़ की जमीन का फैसला कोर्ट में चल रहा था और फैसला हर बार टल जाता था ऊपर से वकीलो की फ़ीस का खर्च।
अग्रवाल जी मुझे राहुल भाई कहते है कहने लगे राहुल भाई कुछ रास्ता दिखाओ।
मैंने पूछा अग्रवाल जी,क्या किसी की जमीन,घर या दूकान तो नहीं हड़प ली आपने?ये एक सामान्य सा व्यागात्मक प्रशन था मेरा अग्रवाल जी से।
अग्रवाल जी ने बताया की उनके यहां एक नौकर काम करता था सुरेश नाम का ,जिसको अग्रवाल जी ने करीब 80 हजार रुपये ,उसकी आवश्यकता पे उसे उधार दिए थे किन्तु सुरेश उस पैसे को उन्हें लौटा नहीं रहा था ऐसी अवस्था में अग्रवाल जी ने उसका घर ,जो की पट्टे का था उसे अग्रवाल जी ने अपने कब्जे में कर लिया था और सुरेश से कहा की तुम मेरे पैसे लौटा देना और अपना घर वापस ले लेना।
बस मित्रों यही वह समस्या थी जिससे अग्रवाल जी परेशान थे अग्रवाल जी ब्याज का धंधा करते है और सुरेश के साथ किये व्यवहार से उनके मंगल(भूमि कारक)एवं शनि(न्यायधिश) उनपे कुपित हो गए थे।
"मित्रों जो जैसा करता है वैसे ही भरता है।"
समस्या का समाधान ये निकला गया की,अग्रवाल जी सुरेश का घर लौटा देंगे एवं पुनः उसे कार्य पे रख लगे।ऐसा कार्य करने से लाभ होने का उन्हें मैंने आश्वासन दिया।
अग्रवाल जी ने बात मानी और सुरेश का घर लौटा कर उसे पुनः नौकरी पे रख लिया।
कल अग्रवाल जी का फोन आया और वे कह रहे थे की कोर्ट ने फैसला उनके हक़ में किया है ।और जिस व्यक्ति ने उनसे छल किया था उसे हर्जाना देने को भी कहा है।
मित्रों विशवास पे दुनिया कायम है।
अग्रवाल जी के एक गलत फैसले ने उनके 1.35 करोड़ रु को 80 हजार के बराबर बना दिया था।
🚩जै श्री महाकाल🚩
व्यक्तिगत अनुभूति एवं विचार©2016 सर्वाधिकार सुरक्षित
।। राहुलनाथ।।™
(ज्योतिष एवं वास्तुशास्त्री)
📞+ 917999870013,
+919827374074 (w)
**** #मेरी_भक्ति_अघोर_महाकाल_की_शक्ति ****
चेतावनी:-इस लेख में वर्णित सभी नियम ,सूत्र,
व्याख्याए,एवं तथ्य हमारी निजी अनुभूतियो के स्तर पर है।पोस्ट में गुरू कथन द्वार,ज्योतिष,तांत्रिक-आध्यात्मिक ग्रंथो एवं स्वयं के अभ्यास अनुभव के आधार पर कुछ ज्योतिष,मंत्र-तंत्र सम्बंधित पोस्ट मात्र शैक्षणिक उद्देश्यों हेतु दी जाती है।जिसे मानने के लिए आप बाध्य नहीं है।तंत्र-मंत्रादि की जटिल एवं पूर्ण विश्वास से साधना-सिद्धि गुरु मार्गदर्शन में होती है अतः बिना गुरु के निर्देशन के साधनाए ना करे।
विवाद की स्थिति में न्यायलय क्षेत्र दुर्ग छत्तीसगढ़,भारत,©कॉपी राइट एक्ट 1957)
पेज लिंक:-https://www.facebook.com/rahulnathosgybhilai/
🚩JAISHRRE MAHAKAL OSGY🚩
छाया चित्र 2008 हमारे मित्रस्वामी शिवानंद जी के साथ